मूल्यवान कैसे बनें (How to be valuable)

Published by indertanwar397 on

मूल्यवान कैसे बनें (How to be valuable)

जिस प्रकार हिरा मूल्यवान होता है, सोने (Gold) को सब पसंद करते है। हमारे अंदर भी ऐसे गुण मौजूद होते है जिनको बाहर निकाला जा सकता है। कुछ नियमों का कठोरता से पालन करके हम वो सब हासिल कर सकते है जो हम चाहते हैं।

स्वास्थ्य ही असली धन है


सुबह जल्दी उठने का नियम बना कर हम अपने आप को लम्बे समय तक स्वस्थ रख पाएंगे। और एक स्वस्थ व्यक्ति ही हर क्षेत्र में दूसरों से बेहतर कर सकता है। दरअसल हम खुद अपने लिए समस्याओं को आमंत्रित करते है समय रहते स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देते और फिर परिस्थितियों को दोष देते हैं। आलस्य को त्याग कर हमें अपने स्वास्थ्य की तरफ ध्यान देना होगा, थोड़ा ही सही लेकिन नियमित रूप से कुछ व्यायाम करने की आदत डालनी होगी। इससे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ मानसिक रूप से भी संतोष मिलता हैं। और हमारी परफोर्मेंस में भी सुधार होगा। 


खुद से किए वादों को निभाएं ।


प्रतिबद्धता(खुद से किया गया वादा) कामयाबी हासिल करने के लिए बहुत आवश्यक हैं, जो लोग प्रतिबद्ध नहीं होते उनको ही असफलता का सामना करना पड़ता है। आप देखेंगे कि जिस जिस ने कामयाबी के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है वो हर हालत में सफल हुआ है। असफलताओं का सामना सभी को करना पड़ता है। बिना असफल हुए हम सफलता के महत्व को नहीं समझ पाएंगे। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन को कौन नहीं जानता। उनके पास तो किताबें खरीदने तक के पैसे नहीं थे दूसरों से किताबें लेकर रात को स्ट्रीट लाइट में पढ़ते थे, बार बार मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन निराशा नहीं हुए हिम्मत से हर मुश्किल का सामना किया और आखिरकार अमेरिका के राष्ट्रपति बनें। वास्तव में असफलता ही हमें हमारी कमियों से अवगत करवाती है। बस उन कमियों को दूर करना होगा। अपने मूल्यों को पहचानना होगा। फिर सफलता को आना ही होगा।


जीवन एक वरदान स्वरूप है


यहां सकारात्मक दृष्टिकोण वालें व्यक्तियों के लिए आगे बढ़ने के सैकड़ों अवसर उपलब्ध है। हमें इन अवसरों में से अपने अनुकूल अवसर का चुनाव करके अपनी प्रतिभा को निखारना होगा। ये अवसर प्रत्येक व्यक्ति के लिए उपलब्ध है। ये अवसर हमें हमारी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने में हमारी मदद करते हैं। इसलिए हमें इन अवसरों का समय रहते भरपूर लाभ उठाना होगा । इस प्रकार हम अपने आप को मूल्यवान बना सकते हैं।


जो चाहिए वो सोचें


ये प्रकृति का अटल नियम है हमें वही मिलता है जिस चीज़ के बारे में हम लगातार लम्बे समय तक सोचते रहते है। अब ये हम पर निर्भर करता है कि हम क्या सोचते हैं। अगर हम दूसरों कि निंदा, शिकायत में ही अपना सारा समय लगाते है, लगातार सोचते रहते है तो हमें सफलता और सुख शांति कभी भी नहीं मिलेगी। आज हम कुछ ज्यादा ही एडवांस हो गए है अपने सुख की कोई फ़िक्र नहीं बस दूसरा कोई सुखी नही होना चाहिए। यही हमारे जीवन की सबसे बड़ी ग़लती है।जब हम अपने साथ साथ दूसरों के सुख के बारे में सोचते है तो प्रकृति बिना संकोच के हमें वो सब दे देती जिसके बारे में हमने सिर्फ कल्पना की थी। इसलिए हमें अपने सुन्दर जीवन के बारे में सोचते रहना होगा, और समाज के लिए कुछ बेहतर करें इस विषय में सोचना होगा। 


साधारण जीवन जीएं

Simplicity is the best


जीवन बहुत सुंदर और सरल है हमें इसको मुश्किल नहीं बनाना है। सब जीवों में हम इंसान ही ऐसे भाग्यशाली है जो हर प्रकार की सुख, सुविधाओं और संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं। ज्यादा पाने की ख्वाहिश को छोड़कर कुछ मौलिक नियमों को अपनाना होगा, हमेशा अपने बारे में न सोच कर कुछ समय दूसरों के बारे में सोचें, उनकी खुशियों के बारे में सोचें। आपको सुखद अनुभव होगा। खुद भी खुश रहें और दूसरों में भी खुशियां बांटें तभी हम अपने और समाज के लिए कुछ बेहतर कर पाएंगे। इसके साथ ही अपनी योग्यताओं को बढ़ाते रहे, नई नई चीजों को सीखना होगा और रात को सोने से पहले पूरे दिन का आंकलन करें कि आज हमने कौन कौन से सार्थक कार्य किए ।


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धन्यवाद 🙏



Categories: Self-help

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