धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें। (How to develop the wonderful ability of patience.)

Published by indertanwar397 on

हमारा अवचेतन मन उपजाऊ भूमि की तरह है। 

धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें। धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें। धैर्य एक ऐसी पूंजी है जिसको अपने व्यवहार में शामिल करके हम जो चाहें वो हासिल कर सकते हैं। हम अनजाने में ही, लगातार अपने मन को घृणा, निंदा, प्रतिशोध, भय जैसे नकारात्मक विचारों से भरते रहते हैं और कई बार तो हमें‌ पता भी नहीं चलता कि हम नकारात्मकता की ओर जा रहे हैं। जब हम लगातार किसी वस्तु या विषय के बारे में निरंतर सोचते रहते है तो वो हमारे अवचेतन मन में चला जाता हैं। और वो सब हमारे स्वभाव का हिस्सा बन जाता हैं। हमारा अवचेतन मन ही हमारे स्वभाव, हमारे व्यवहार और आचरण को नियंत्रित करता है।

हम जो कुछ भी इसमें डालेंगे हमारा अवचेतन मन उसी के अनुसार काम करेगा। इसे हम अच्छी आदतों और विचारों से सही दिशा में प्रदान कर सकते है। हमारा अवचेतन मन उपजाऊ भूमि की तरह है इसमें हम जिस प्रकार के विचार रूपी बीज बोऐगे उसी अनुरूप फल की प्राप्ति होती है। नकारात्मक विचार आना स्वाभाविक है लेकिन उनको अच्छे और सुंदर विचारों के साथ बदला जा सकता है। और यह सब छोटे छोटे प्रयासों और नियमित रूप से अभ्यास द्वारा किया जा सकता हैं। कहावत भी है सहज पके सो मीठा होय। यह एक सुंदर कहावत है जो हमें धैर्य के महत्व को समझाने का प्रयत्न कर रही हैं। धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें।

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धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें। यह जरूरी नहीं कि महान बनने के लिए बड़े काम किए जाएं छोटे-छोटे कामों के द्वारा भी हम अपने आप को और ज्यादा विकसित कर सकते हैं। कोई काम छोटा बड़ा नहीं होता। किए गए कार्यों में हमारे समर्पण और एकाग्रता का महत्व है। जीवन में जितनी एकाग्रता और लगन के साथ काम किया जाएगा परिणाम भी उसी अनुरूप होगा। हमें अपने जीवन में छोटे कार्यों को भी महत्व देने की आवश्यकता है। इससे हमारे अंदर धैर्य की कला का विकास होता है। याद रखिए हमारे द्वारा किया गया कोई भी अच्छा काम व्यर्थ नहीं जाता। वह हमारे पास उचित समय पर पुरस्कृत रूप में वापस आता हैं। धैर्य के साथ ही आत्मविश्वास खुद ब खुद विकसित होने ‌लगता है।

दुनिया के महानतम लोगों में एक चीज़ समान है वो है उन सबने हर परिस्थिति का सामना बड़े ही धैर्य के साथ किया और समाज के लिए बहुत ही शानदार उदाहरण पेश किया है । धैर्य ही हमें अपने लक्ष्य से बांध कर रखता है। लगातार मिलती हुई असफलताओं के पश्चात धीरज ही ऐसा शस्त्र है जिसको धारण करके हम हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम हो पाते हैं। धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें।

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हमारी शारीरिक मुद्राएं, हमारी मानसिक स्थिति पर बड़ा गहरा प्रभाव डालती है।

धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें। हमें अपने जीवन में मुस्कुराहट रूपी बहुमूल्य आभूषण को सदैव अपने चेहरे पर धारण करने की कोशिश करनी चाहिए। हंसने मुस्कराने से हमारे व्यक्तित्व जबरदस्त बदलाव महसूस किया जा सकता है। इससे हमारे मन को ईंधन मिलता है वो बेहतर तरीके से काम करता है। एक हल्की मुस्कान हमारे अंदर एक उमंग, उत्साह की भावना को विकसित करने में हमारी सहायता करती हैं। इससे हम स्वाभाविक रूप से बिना किसी प्रयास के सकारात्मक रह सकते हैं। हमारी शारीरिक मुद्राएं, हमारी मानसिक स्थिति पर बड़ा गहरा प्रभाव डालती है।

मुस्कराने से हमारे अंदर रसायनिक बदलाव होता है और हम काफी हद तक खुद को तनाव से मुक्त महसूस करते हैं। जब हम पूरी तरह से तनाव से मुक्त होते है केवल तभी बुनियादी गुणों को अपने अंदर विकसित करने में सक्षम हो पाते हैं। खुलकर हंसने से हमारी ऊर्जा अंधकार से प्रकाश की ओर जाना शुरू हो जाती हैं। अच्छी भावनाएं स्वाभाविक रूप से हमारे अंदर विकसित होने लगती हैं। धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें।

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हमेशा प्रयत्नशील रहना एक सफल और धैर्यवान व्यक्ति की पहचान होती हैं।

धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें। आधुनिकीकरण के दौर में अच्छी नींद आना थोड़ा मुश्किल होता जा रहा है। ज्यादा की लालसा में हम अनजाने में खुद ही को नुक्सान पहुंचाने में लगे हुए हैं। आज हमारे आस पास नकारात्मकता और अज्ञानता का शानदार जाल फैला हुआ है और हमें अहसास तक नहीं होता कि हम इतना पढ़ें लिखे होने के बावजूद भी हम अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। हमें दूसरों कि तरह देखना पड़ता है सहायता के लिए। अपनी कमियों को देखना और उनको दूर करने के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहना एक सफल और धैर्यवान व्यक्ति की पहचान होती हैं।

सही मायनों में धैर्य बहुत ही शानदार और अद्भुत गुणों में से एक हैं जिसको पाने के बाद सफलता सुनिश्चित हो जाती हैं। धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें। अपने आप को जितना हो सके उतना सकारात्मक कार्यों में व्यस्त रखिए। निरंतर व्यस्त रहने से यह हमारे स्वभाव का हिस्सा बन जाता है और साथ ही व्यर्थ की बातों में समय बर्बाद करने से हम स्वयं को बचा लेते हैं। इसके लाभ हमें बड़े जल्दी मिलना शुरू हो जाते हैं। हमारे स्वभाव से नकारात्मक भावनाओं के स्थान पर आत्मविश्वास, धैर्य, उत्साह और उमंग जैसे गुण शामिल होने लगते हैं। धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें।

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परिस्थिति चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हो हमें उसका सामना धैर्य के साथ करने की आवश्यकता है।

धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें। विपरीत परिस्थितियों की कल्पना नहीं उनका सामना करना होगा। कुछ लोग भविष्य में होने वाली समस्याओं के बारे में सोचने में ही अपना कीमती समय नष्ट करते रहते हैं, कही ऐसा न हो जाए, कही कोई बड़ी घटना न हो जाए, कही हम बीमार न पड़ जाऊ इत्यादि। इस महत्वपूर्ण बात को समझना होगा कि परिस्थिति चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हो हमें उसका सामना धैर्य के साथ करने की आवश्यकता है। और निरंतर चिंतन मनन करते रहना होगा कि शीघ्र ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। वास्तव में जीवन में आने वाली प्रत्येक समस्या या विपरीत परिस्थिति हमारे लिए एक परीक्षा का काम करती हैं। इन कठिनाईयों से ही हमें अपने अंदर मौजूद बुरी आदतों, भावनाओं के बारे में पता चलता है।

और हमारे व्यक्तित्व विकास में सहायक होती हैं। कष्टों से घबराकर ईश्वर को या दूसरों को दोषी ठहराकर हम अनजाने खुद को विकसित होने में अवरोध उत्पन्न करते हैं। कई बार परिस्थितियां हमारे खिलाफ नज़र आती है लेकिन वास्तव में वे हमारे पक्ष में होती हैं। धैर्य वास्तव में हमारी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। धैर्य रूपी अद्भुत क्षमता को कैसे विकसित करें।

जिस भी प्रेरणादायक विषय पर आप पढना चाहते है आप हमें बताएं। हम आपकी पसंद के विषय पर जरूर आर्टिकल लिखेंगे।

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