परिवर्तनों से घबराने के बजाय उनका आदर करना होगा। (Instead of being afraid of changes, respect them.)

Published by indertanwar397 on

Instead of being afraid of changes, respect them

जीवन में बदलाव का विरोध न करके उसको स्वीकार करने की आवश्यकता है।

परिवर्तनों से घबराने के बजाय उनका आदर करना होगा। परिवर्तन प्रकृति का नियम है, परिवर्तन ही एकमात्र ऐसी चीज है जो स्थाई है। अगर हमारे समाज में, परिवार में कुछ परिवर्तन होता है तो घबराने के स्थान पर क्या करना चाहिए सोचने की आवश्यकता है। हालांकि, घबराहट स्वाभाविक होती है लेकिन अगर इस बात को समझने का प्रयास करेंगे तो बदलाव से परेशानी नहीं होगी। जीवन में बदलाव का विरोध न करके उसको स्वीकार करने की आवश्यकता है। नए विचारों और अवसरों का स्वागत करना होगा ताकि हम अपने दिमाग में बुरे विचारों और भावनाओं पर लगाम लगा सकें। हमें याद रखना होगा चाहे हम किसी भी परिस्थिति में हो आगे बढ़ने और विकास करने का रास्ता हमेशा खुला रहता हैं। अतः परिवर्तन से घबराएं बिना निरंतर प्रयास करते रहना होगा।

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हमें जीवन को एक सरल और सहज नजरिए से देखने की आवश्यकता है।

परिवर्तनों से घबराने के बजाय उनका आदर करना होगा। बदलाव हमेशा लाभकारी होता है अपवाद को छोड़कर। बदलाव हमें नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित करता है। हालांकि, हर इंसान नई चीजें सीखने को उत्सुक रहता है फिर भी हमें परिवर्तनों को स्वीकार करके एक नई शुरुआत करनी चाहिए।  बदलाव के बाहरी आवरण को देखकर किसी भी प्रकार की नकारात्मकता को अपने मन में स्थान न दें, क्योंकि नकारात्मकता किसी वस्तु या व्यक्ति का हमेशा बुरा हिस्सा ही दिखाता है। इसके अलावा सकारात्मक भावनाओं से भरपूर व्यक्ति को प्रत्येक परिस्थिति में केवल अच्छाई ही दिखाई देती हैं। वस्तुत: हमें जीवन को एक सरल और सहज नजरिए से देखने की आवश्यकता है। 

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अपने क्षेत्र में अग्रणी रहने का प्रयत्न करना ही बेहतर होगा।

परिवर्तनों से घबराने के बजाय उनका आदर करना होगा। सांसारिक ज्ञान की कोई सीमा नहीं और किसी भी व्यक्ति के लिए प्रत्येक विषय का ज्ञान व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए केवल एक विषय पर ही महारत हासिल करने की कोशिश करनी होगी। एक से अधिक विषयों पर श्रेष्ठता हासिल करना थोड़ा ज्यादा कठिन होता है। दूसरे विषयों में सामान्य जानकारी ही काफी है और अपने क्षेत्र में अग्रणी रहने का प्रयत्न करना ही बेहतर होगा। इस बात को स्पष्ट रूप से समझना होगा कि हमारा उद्देश्य प्रत्येक विषय में महारत हासिल करना नहीं है। इसकी अपेक्षा एक फिल्ड में मेहनत करके अपनी श्रेष्ठता साबित करना होगा चाहिए। हमारा जीवन बहुत खुबसूरत है इसको और ज्यादा सुंदर बनाने और विकसित करने में  परिवर्तन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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जानकार और अनुभवी व्यक्ति से सलाह लें सकते हैं। 

परिवर्तनों से घबराने के बजाय उनका आदर करना होगा। विपरीत परिस्थितियों और समस्याओं का विज्ञापन करने से बचना होगा। कोई दूसरा हमारी समस्याओं का हल नहीं निकाल सकता, अपनी समस्याओं का समाधान केवल हम खुद ही कर सकते है। इसके अलावा जितना हो सके अपने कठीन समय से खुद ही निपटने की कोशिश करें। वास्तव में विपरीत परिस्थितियां हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। हां हम अपने मुश्किल समय में किसी ऐसे व्यक्ति से, जो उस फिल्ड में अधिक समझदार, जानकार और अनुभवी हो सलाह जरूर लें सकते हैं। इसी प्रकार वस्तुओं और व्यक्तियों के विषय में शिकायतें करना और नोंक झोंक करने की आदत से बचना होगा। इसके साथ ही जब तक पूछा न जाए तब तक ज्यादा स्पष्टीकरण एवं सफाई देना समझदारी नहीं है।

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समाधान के बारे में चिंतन मनन करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

परिवर्तनों से घबराने के बजाय उनका आदर करना होगा। सर्वश्रेष्ठ को ही अपना उद्देश्य बना कर चले। इससे कम कुछ भी मंजूर न हो। हमारी समस्या है कि हमें जो कुछ भी मिलता है हम उसी में संतुष्ट हो जाते हैं जबकि हमारे अंदर क्षमता कही अधिक है। चूंकि कठीन समय के विषय में ज्यादा सोचने की आवश्यकता नहीं होती। इसकी अपेक्षा समाधान के बारे में चिंतन मनन करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। मुश्किल घड़ी इतना नुकसान नहीं पहुंचाती जितना हम नकारात्मक सोच सोच कर खुद के लिए परेशानी पैदा कर लेते हैं। हालांकि, नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों और भावनाओं के साथ बदला जा सकता है। इस दिशा में निरंतर अभ्यास करने से हम हर परिस्थिति में समान रहना सीख सकते हैं।

आत्मनिरिक्षण एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

परिवर्तनों से घबराने के बजाय उनका आदर करना होगा। दूसरों से तुलना करना ईश्वर की अद्भुत रचना पर संदेह करने जैसा है लेकिन अगर हमें तुलना करनी ही है तो खुद से खुद की तुलना करना ज्यादा लाभदायक उपाय होगा। हमारी क्षमताओं में वृद्धि करने हेतु आज़ हमने क्या काम किया। कामयाबी हासिल करने में आत्मनिरिक्षण एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। हालांकि, प्रत्येक व्यक्ति के पास आगे बढ़ने का सामान अवसर उपलब्ध होता है। सामान्यत आलस्य, काम को टालने की आदतों के चलते हम अपने जीवन में आने वाले अवसरों से लाभ नहीं उठा पाते। परिवर्तनों का वास्तविक उद्देश्य हमें अपडेट करना होता है। सफलता हासिल करने के बाद असली समस्या उसको बनाएं रखने की आती हैं। इसके लिए नियमित तौर पर प्रयास करते रहना होगा।

एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास होता है।

परिवर्तनों से घबराने के बजाय उनका आदर करना होगा। खुद को स्वस्थ रख कर हम अपने जीवन में आने वाले प्रत्येक बदलाव का सामना शानदार तरीकों से कर सकते हैं। कई बार परिवर्तन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होता हैं। नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम से हमारी मांसपेशियों के तनाव को दूर करने में मदद मिलती है। हमारे शरीर को आराम मिलता है क्योंकि शरीर और मन का आपस में घनिष्ठ संबंध है। एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास होता है। हमें अपने दैनिक कार्यों को करते समय बीच बीच में थोड़ा विश्राम जरूर करना होगा। क्योंकि कई बार लगातार कार्य करते रहने से परफोर्मेंस में बढ़ोतरी की अपेक्षा कमी आ जाती है। इसलिए आराम करना बहुत जरूरी है। ताकि हम बदलाव को अपने लिए एक बेहतर अवसर बना सकें। 

बदलाव को स्वीकार करके उसी अनुरूप खुद को ढाल लेने में ही समझदारी है।

परिवर्तनों से घबराने के बजाय उनका आदर करना होगा। कई बार बदलाव को देखकर हम असहज महसूस करते है लेकिन क्या हमने कभी खुद से प्रश्न किया कि आखिरकार परिवर्तन से हमें कैसे निपटना चाहिए? बदलाव से उत्पन्न अव्यवस्थाओं और समस्याओं के लिए भगवान को या फिर दूसरों को दोषी ठहराते हैं। दोष देना तो सबसे आसान कार्यों में से एक है। इसकी अपेक्षा बदलाव को स्वीकार करके उसी अनुरूप खुद को ढाल लेने में ही समझदारी है। प्रत्येक व्यक्ति अपना एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण स्थान रखता है। अतः हमें दुनिया को बदलने की बजाय खुद को मोटिवेट और कांफिडेंस बढ़ाने पर काम करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। जीवन में परिस्थितियों और अवसरों की कमी नहीं है अतः हमें हर परिस्थिति से एक सबक लेने की आवश्यकता है।

जिस भी प्रेरणादायक विषय पर आप पढना चाहते है आप हमें बताएं। हम आपकी पसंद के विषय पर जरूर आर्टिकल लिखेंगे।

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धन्यवाद 🙏


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