दूसरों पर ध्यान देने की अपेक्षा अपना काम करते रहना होगा। (Instead of paying attention to others, we have to keep doing our work.)

Published by indertanwar397 on

शिकायतें कम करके जिंदगी को और ज्यादा खूबसूरत बनाया जा सकता हैं।

दूसरों पर ध्यान देने की अपेक्षा अपना काम करते रहना होगा।  जीवन में सफलता हेतु कार्य की शुरुआत करना ही सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता हैं। हमें आगे बढ़ने की दिशा में जितना जल्दी हो सके कार्य शुरू करने की आवश्यकता है। शुरुआत तो करनी ही होगी इसके बगैर कामयाबी हासिल होना मुश्किल है। हमारे आस-पास कुछ व्यक्ति असाधारण कार्य करके सबको हैरत में डाल देते हैं। ये उनकी वर्षों की मेहनत और आत्मविश्वास का परिणाम होता हैं। शिकायत कम और शुक्रिया ज्यादा हो तो जिंदगी को और ज्यादा खूबसूरत बनाया जा सकता हैं। जिस प्रकार सफल व्यक्ति अपने आस-पास की सभी घटनाओं से सीखते हैं और जीवन में शानदार कार्य करते हैं। ठीक उसी तरह हमें भी प्रत्येक घटना से सीखते रहना होगा। हालांकि,  हम जीवन भर सीखते हैं परन्तु जरूरी और गैर जरूरी के अंतर को समझने में भूल कर जाते हैं। 

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हम अक्सर दूसरों की सफलताओं से परेशान हो जाते हैं।

दूसरों पर ध्यान देने की अपेक्षा अपना काम करते रहना होगा। थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन अभ्यास द्वारा हम खुद पर काम कर सकते हैं और जीवन को और ज्यादा विकसित कर सकते हैं। थोड़ा प्रयास खुद करके और थोड़ा प्रयास भगवान द्वारा करने से हम अपने जीवन को ऊंचा उठा सकते हैं। आम धारणा है कि ईश्वर से उम्मीद लगाने वाला हर इंसान कामयाब होता हैं। हम अक्सर दूसरों की सफलताओं से परेशान हो जाते हैं और धारणा बना लेते हैं कि हमारे अंदर उतनी ताकत नहीं है, उतना उत्साह नहीं है। और खुद को आगे बढ़ने से हमेशा के लिए रोक देते हैं। सफल लोगों के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उनकी आदतों  की होती हैं। इसी कारण वे लगातार असफल होने पर भी नहीं घबराते। उनके इन्हीं गुणों को अपनाने की जरूरत होती है।

कोशिश हमेशा यही होनी चाहिए कि हमारा प्रत्येक विचार कामयाबी के विषय में ही हो।  

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अवसर हर इंसान को उपलब्ध हैं सफलता के लिए चुनाव हमें ही करना होता हैं।

दूसरों पर ध्यान देने की अपेक्षा अपना काम करते रहना होगा। हमारा व्यक्तित्व और आचरण इसी बात पर निर्भर करता हैं कि हम खुद पर ध्यान देते है या फिर दूसरों पर। हमारी विचारों और कार्यों को मज़ाक न समझा जाए यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम किस तरह के व्यवहार करते हैं। एक सफल व्यक्ति की तरह व्यवहार करना बहुत सरल कार्य है। लेकिन इसको बार बार किया जाना अनिवार्य रूप से आवश्यक हैं ताकि यह सब हमारे स्वभाव का हिस्सा बन जाएं। छोटे अभ्यास के द्वारा खुद को और ज्यादा बेहतर बनाया जा सकता है। अवसर हर इंसान को उपलब्ध हैं सफलता के लिए चुनाव हमें ही करना होता हैं। कोई दूसरा हमारी मदद नहीं कर सकता। इसीलिए हमें जितना जल्दी हो सके उतना दूसरों के विषय में चिंतन करना छोड़ देना होगा। एक विजेता की तरह ही आचरण करने की आवश्यकता है। 

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दूसरों पर ध्यान देने की अपेक्षा अपना काम करते रहना होगा। कामयाबी की राह में आत्म प्रेरणा सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता हैं। भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपनी क्षमताओं को लगातार निखार करते रहना आवश्यक हैं। खुद को अपग्रेड करना ही होगा नहीं तो हम कब पिछड़ जाएंगे हमें पता भी नहीं चलेगा। हमें निराशा जनक और भटकाने वाले लोगों से हमेशा दूरी बना कर रखनी होगी। महत्वाकांक्षा हमें हर परिस्थिति में कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं। इसके लिए कठोर मेहनत के साथ सही दिशा का ज्ञान होना आवश्यक हैं। प्रगति के लिए हमें किसी और सहारे की आवश्यकता नहीं पड़ती। क्योंकि खुद की हिम्मत और ईश्वर का साथ ही सफलता हासिल करने का सरल उपाय है। सामान्यतः हम दूसरों की सफलताओं से इतने आहत होते हैं कि हमारी छोटी छोटी खुशियां हमें दिखाई नहीं पड़ती। 

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दूसरों पर ध्यान देने की अपेक्षा अपना काम करते रहना होगा। दूसरों से जलन करना हमेशा नुकसान पहुंचाने वाला होता हैं। भौतिक संसार में हम अपने दुःख से कम, दूसरों की खुशियों से ज्यादा परेशान होते हैं। जीवन में हर पल को खुशी और आनन्द से भरपूर होकर जीया जा सकता हैं। अपने व्यवहार में छोटे-छोटे बदलाव करके हम अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं। आपसी सहयोग जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इसका उपयोग करके हम जीवन में आने वाली प्रत्येक बाधाओं को पार कर सकते हैं। हम सब जानते है कि मेहनत का कोई दूसरा विकल्प मौजूद नहीं है। जीवन के कठिन समय में दूसरों की सफलताओं से प्रेरणा लेकर हम संतुलन बना सकते हैं। वास्तव में सुख हमारे व्यवहार और आचरण पर निर्भर करता हैं। जिंदगी के सफर को खुश रहकर गुजारना हमेशा मुश्किल नहीं होता। 

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सरल और सहज उपाय है अपनी क्षमताओं और कमियों को लिखना।

दूसरों पर ध्यान देने की अपेक्षा अपना काम करते रहना होगा। जीवन के हर सफ़र को अच्छे इरादों  के साथ शुरू करना महत्वपूर्ण होता है। खुबसूरती इस बात में है कि हम अपनी पूरी एकाग्रता और सतर्कता से काम करें और जीवन में किसी का अहित किए बगैर सफलता प्राप्ति के मार्ग का चयन करें। इसका सबसे बड़ा फायदा हमें खुद ही होगा क्योंकि संतोष रूपी बहुमूल्य धन हमारे जीवन में स्वयं ही आ जाएगा। इसके लिए एक सरल और सहज उपाय है अपनी क्षमताओं और कमियों को लिखना। वास्तव में किसी बात को लिखकर हम उस बात को स्वीकार कर लेते हैं और अपने जीवन को सरलता की ओर ले जाने का काम करते हैं। क्योंकी जब तक हम अपनी कमियों को छुपाते रहेंगे खुद के लिए रूकावटें पैदा करते रहेंगे।

सफल लोग हमेशा अपने आप में सुधार करने के लिए प्रयत्नशील रहते हैं। सफलता का चिंतन ही मूलमंत्र है। 

खुद ही को कर बुलंद इतना कि ख़ुदा खुद बंदे से पूछे कि बता तेरी रज़ा क्या है।

दूसरों पर ध्यान देने की अपेक्षा अपना काम करते रहना होगा। जीवन को खुशहाल और सुखमय तरीके से जीने का साधारण सा नियम है दूसरों की अपेक्षा स्वयं में परिवर्तन करने की दिशा में प्रयास करना। सफलता हमारी मानसिक स्थिति पर निर्भर करती है क्योंकि सिर्फ मेहनत ही करते रहना सफलता की कुंजी नहीं है। इसके साथ साथ खुद को मानसिक रूप से असफलताओं से निपटने के लिए प्रेरित करते रहने की आवश्यकता होती है। सामान्यतः हम अपने सपनों की शुरुआत बड़े उत्साह और जोश में करते हैं परंतु परिणाम न मिलने पर थोड़े समय में ही हमारा जोश ठंडा होने लगता हैं। कहावत भी है कि “खुद ही को कर बुलंद इतना कि ख़ुदा खुद बंदे से पूछे कि बता तेरी रज़ा क्या है” सही मार्गदर्शन और सही दिशा में निरंतर प्रयास की और अच्छी आदतों को और ज्यादा विकसित करने की।