हमें सफलता से प्रेम करने की आवश्यकता है। (We need to love success.)

Published by indertanwar397 on

सफलता ही सफलता को आकर्षित करती है।

हमें सफलता से प्रेम करने की आवश्यकता है। हम सब सफलता हासिल तो करना चाहते है लेकिन दूसरों की सफलताओं से ईर्ष्या भी करते हैं। यह तो वही बात हुई कि हम सफल होने के बारे में, कामयाबी के विषय में केवल सोचते हैं कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं। वास्तव में हम दूसरों की सफलताओं से प्रेरणा लेने की तुलना में जलन की भावना से ज्यादा पीड़ित रहते हैं। नियम है सफलता ही सफलता को आकर्षित करती है। इसके लिए हमें सफलता से प्रेम करने की जरूरत है। किसी को आगे बढ़ते देख खुश होना एक सफल और संतुष्ट व्यक्ति की पहचान होती है। एक सच्चा विजेता ही दूसरे विजेता को सम्मान दे सकता हैं। इंसान के रूप में हमें जीवन को सरल और सौहार्द्र के साथ व्यतीत करने की आवश्यकता है।

हमें स्वयं ही प्रयास करना होगा कोई और हमारी सहायता नहीं कर सकता। हमें खुद को विकसित करने की आवश्यकता है।

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हमें सफलता से प्रेम करने की आवश्यकता है। जीवन को जटिल बनाने की अपेक्षा सरल बनाने पर जोर देना होगा। बेहतर समय हमेशा से इसी इंतज़ार में है कि कब हम जीवन को सरल और सहज रूप में ढालें। सफलता की कल्पना करना कठिन नहीं है। कल्पना करना हमारे स्वयं के हाथ में ही होता हैं। वस्तुत: हम इन क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं। इन योग्यताओं को समय के साथ साथ विकसित करने की आवश्यकता होती हैं।  आमतौर पर हम ज्यादातर चीजों और कार्यों को छोटा समझकर छोड़ देते हैं। क्या हम जीवन में इतना संघर्ष स्वयं को दुःखी और परेशान करने के लिए करते हैं। जीवन को सुखमय तरीके से जीना ही हमारा वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए । वस्तुत: कोशिश यह होनी चाहिए कि हम हर परिस्थिति में केवल अच्छी चीजों को ही देखें। कामयाबी के लिए सफलता प्राप्त लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी ही होगी। 

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हमें सफलता से प्रेम करने की आवश्यकता है। सफलता एक प्रेमिका की भांति मानना होगा। और साथ ही हर परिस्थिति में खुद को उत्साह से भरपूर रखना होगा। विचार ही हमारे अच्छे और बुरे दोनों तरह के व्यवहार के लिए जिम्मेदार होते हैं। उत्साह पूर्ण विचारों से ही हम अपने सपनों को आसानी से पूरा कर सकते हैं। बड़े परिवर्तन के लिए कुछ महत्वपूर्ण सोचना  आवश्यक है।  आमतौर पर हमसे यही चूक हो जाती है और कई बार हम खुद के ही विरुद्ध काम करते हैं। और हमें इस विषय में बहुत देर बाद पता चलता हैं। इससे बचने के लिए हमें समय समय पर खुद का आंकलन करते रहना होगा। प्रेरणादायक पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने की आवश्यकता है। इस तरह हम खुद के फेवर में काम कर सकते हैं। वास्तव में प्रयास यह होना चाहिए कि हम हर परिस्थिति में केवल सकारात्मकता को ही देखें। 

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हमें सफलता से प्रेम करने की आवश्यकता है। अपने जीवन को एक अच्छी दिशा प्रदान करना हमारा कर्तव्य होना चाहिए। अपने आप को हर परिस्थिति में उत्साह से भरपूर रख कर ही हम खुद को आगे बढ़ा सकते हैं। सफलता उनको ही मिलती है जो इससे बेइंतहा मोहब्बत करते हैं। जिस तरह हम आपस में प्रेम करते हैं। अपने माता-पिता, अपने बच्चों और दोस्तों से प्यार करते हैं ठीक उसी तरह हमें अपनी महत्वकांक्षाओं से भी प्रेम करने की आवश्यकता है। अपने दृष्टिकोण में बदलाव करके हम अपने जीवन की दिशा और दशा दोनों में बदलाव कर सकते हैं। जीवन को ज्यादा संघर्ष और कठोरता से गुजरने की कोई आवश्यकता नहीं है। संतुलन बनाना हमारे अपने हाथ में ही होता हैं। सफलता हासिल करना एक शानदार उपलब्धि होती हैं। 

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हमें सफलता से प्रेम करने की आवश्यकता है। जरुरी नहीं कि अच्छी नौकरी लगना या खूब रुपए कमाना ही सफलता की पहचान है। दशरथ मांझी ने भी अपने जीवन में सफलता हासिल की है। उनका उद्देश्य रुपए कमाना या नौकरी लगना नहीं था। जादव पायेंग ने भी अपने जीवन को सार्थक किया है। हम भी अपने मानसिकता में परिवर्तन करके समाज के लिए कुछ बेहतर कर सकते हैं। क्योंकी समाज की भलाई में ही अपनी भलाई निहित है। बस जरूरत है मेहनत करते हुए  हम खुद को मोटिवेट कर सकते है, संघर्ष के दिनों में किसी जरूरतमंद की मदद करके हम अपने आत्मविश्वास को बेहतर बना सकते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहकर अपने मार्ग को आसान बना सकते हैं। हम अपने आस पास के वातावरण को शुद्ध रखने में अपना योगदान दें सकते हैं।

  इस बात को समझने की जरूरत है कि सफलता निरंतर प्रयास और लगातार लगे रहने से ही मिलती है।

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अगर हम धैर्य के साथ लगातार प्रयास करते हैं तो सफलता को आना ही पड़ता हैं।

हमें सफलता से प्रेम करने की आवश्यकता है। एक विषय पर फोकस करना बेहतर साबित हो सकता हैं। क्योंकी ज्यादा चीजों पर ध्यान देने से कोई भी काम अच्छे से नहीं किया जा सकता। इसलिए हमेशा एक ही विकल्प का चयन करें और अपनी सम्पूर्ण क्षमता, शक्ति उस पर लगा दें। और सबसे महत्वपूर्ण धैर्य रखना होगा। अगर हम धैर्य के साथ लगातार प्रयास करते हैं तो सफलता को आना ही पड़ता हैं। जितना हम एक चीज को समय देते हैं, उतने ही सकारात्मक परिणाम अर्जित किए जा सकते है। कुछ जानकारी हर विषय के बारे में होनी जरूरी है लेकिन एक विषय के बारे में अच्छी  समझ हमें आगे बढ़ने में मदद करती हैं। अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से अभ्यास करने की आवश्यकता है। दूसरों की कमियों के विषय में बात करके हमारा कोई फायदा नहीं होगा। खुद का आत्मविश्लेषण सबसे महत्वपूर्ण हैं।

समय चाहे कैसा भी क्यों न हो हमें उसका सामना धैर्य के साथ करने की आवश्यकता है।

हमें सफलता से प्रेम करने की आवश्यकता है। परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो हमें  धैर्य के साथ उनका सामना करना होगा। धैर्य रूपी अद्वितीय गुण को विकसित करना जरूरी होता है। भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में सोचने में ही अपना कीमती समय नष्ट बिल्कुल भी समझदारी नहीं हैं, कही कोई घटना न हो जाए, कही हम बीमार न पड़ जाए आदि। इस बात को समझना होगा कि   समय चाहे कैसा भी क्यों न हो हमें उसका सामना धैर्य के साथ करने की आवश्यकता है। विपरीत परिस्थितियों से ही हमें अपने अंदर मौजूद बुरी आदतों के विषय में ज्ञान होता है। इन कठिनाईयों से घबराकर दूसरों को दोष देने से कोई फायदा नहीं होने वाला। इस तरह हम अनजाने खुद को आगे बढ़ने में बाधा उत्पन्न करते हैं।

सफल होने में कोई असाधारण कार्य करने की आवश्यकता नहीं होती। सिर्फ नियमों का नियमित पालन करना ही काफी है।